श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 9: भारतवर्षकी नदियों, देशों तथा जनपदोंके नाम और भूमिका महत्त्व  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  6.9.3 
संजय उवाच
न तत्र पाण्डवा गृद्धा: शृणु राजन् वचो मम।
गृद्धो दुर्योधनस्तत्र शकुनिश्चापि सौबल:॥ ३॥
 
 
अनुवाद
संजय ने कहा, "हे राजन! कृपया मेरी बात सुनो। पांडवों को भारतवर्ष का राज्य नहीं चाहिए। केवल दुर्योधन और सुबलपुत्र शकुनि ही इसके लिए बहुत प्रलोभित हैं।"
 
Sanjaya said, "O King! Please listen to me. The Pandavas do not desire the kingdom of Bharatvarsh. Only Duryodhan and Subalaputra Shakuni are very tempted by it."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)