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mahabharat 6.9.21-24: नरेश्वर! नीवारा, अहिता, सुप्रयोग, पवित्रा, कुंडली, सिंधु, रजनी, पुरमालिनी, पूर्वाभिरामा, वीरा (नीरा), भीमा, ओघवती, पशशिनी, पापहारा, महेंद्र, पाटलावती, करिशिणी, असिक्नी, महानदी कुशचिरा, मकरी, प्रवरा, मैना, हेमा, घृतवती, पुरावती, अनुष्णा, शैब्या, कपि, सदानीरा, अधृश्या और महानदी कुशधारा. 21-24॥   |   mahabharat अध्याय 6.9: भारतवर्षकी नदियों, देशों तथा जनपदोंके नाम और भूमिका महत्त्व   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 9: भारतवर्षकी नदियों, देशों तथा जनपदोंके नाम और भूमिका महत्त्व  »  श्लोक 21-24
 
 
श्लोक  6.9.21-24 
नीवारामहितां चापि सुप्रयोगां जनाधिप।
पवित्रां कुण्डलीं सिन्धुं राजनीं पुरमालिनीम्॥ २१॥
पूर्वाभिरामां वीरां च भीमामोघवतीं तथा।
पाशाशिनीं पापहरां महेन्द्रां पाटलावतीम्॥ २२॥
करीषिणीमसिक्नीं च कुशचीरां महानदीम्।
मकरीं प्रवरां मेनां हेमां घृतवतीं तथा॥ २३॥
पुरावतीमनुष्णां च शैब्यां कापीं च भारत।
सदानीरामधृष्यां च कुशधारां महानदीम्॥ २४॥
 
 
अनुवाद
नरेश्वर! नीवारा, अहिता, सुप्रयोग, पवित्रा, कुंडली, सिंधु, रजनी, पुरमालिनी, पूर्वाभिरामा, वीरा (नीरा), भीमा, ओघवती, पशशिनी, पापहारा, महेंद्र, पाटलावती, करिशिणी, असिक्नी, महानदी कुशचिरा, मकरी, प्रवरा, मैना, हेमा, घृतवती, पुरावती, अनुष्णा, शैब्या, कपि, सदानीरा, अधृश्या और महानदी कुशधारा. 21-24॥
 
Nareshwar! Neevaara, Ahita, Suprayoga, Pavitra, Kundali, Sindhu, Rajni, Purmalini, Purvabhirama, Veera (Neera), Bhima, Oghavati, Pashashini, Papahara, Mahendra, Patlawati, Karishini, Asikni, Mahanadi Kushchira, Makari, Pravara, Mena, Hema, Ghritavati, Puravati, Anushna, Shaibya, Kaapi, Sadanira, Adhrishya and Mahanadi Kushadhara. 21-24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)