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mahabharat 6.89.32-33h: नकुल और सहदेव ने घुड़सवारों की सेना पर आक्रमण कर दिया। हे राजन! उन घोड़ों ने सोने की कलगी और सोने के अन्य आभूषण पहने हुए थे। वे सभी सैकड़ों-हजारों की संख्या में गिरते हुए दिखाई दिए।   |   mahabharat अध्याय 6.89: कौरव-पाण्डव-सेनाका घमासान युद्ध और भयानक जनसंहार   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 89: कौरव-पाण्डव-सेनाका घमासान युद्ध और भयानक जनसंहार  »  श्लोक 32-33h
 
 
श्लोक  6.89.32-33h 
नकुल: सहदेवश्च हयानीकमभिद्रुतौ।
ते हया: काञ्चनापीडा रुक्मभाण्डपरिच्छदा:॥ ३२॥
वध्यमाना व्यदृश्यन्त शतशोऽथ सहस्रश:।
 
 
अनुवाद
नकुल और सहदेव ने घुड़सवारों की सेना पर आक्रमण कर दिया। हे राजन! उन घोड़ों ने सोने की कलगी और सोने के अन्य आभूषण पहने हुए थे। वे सभी सैकड़ों-हजारों की संख्या में गिरते हुए दिखाई दिए।
 
Nakula and Sahadeva attacked the army of horsemen. O King! Those horses were wearing gold crests and other ornaments made of gold. They were all seen falling dead in hundreds and thousands.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)