Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.89.25: हे भरतनन्दन! योद्धाओं के चिल्लाने, विलाप करने और भूखे मनुष्यों की भाँति दहाड़ने की ध्वनि निरन्तर सुनाई दे रही थी।   |   mahabharat अध्याय 6.89: कौरव-पाण्डव-सेनाका घमासान युद्ध और भयानक जनसंहार   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 89: कौरव-पाण्डव-सेनाका घमासान युद्ध और भयानक जनसंहार  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  6.89.25 
कूजतां क्रन्दतां चैव स्तनतां चैव भारत।
अनिशं शुश्रुवे शब्द: क्षुत्क्लिष्टानां नृणामिव॥ २५॥
 
 
अनुवाद
हे भरतनन्दन! योद्धाओं के चिल्लाने, विलाप करने और भूखे मनुष्यों की भाँति दहाड़ने की ध्वनि निरन्तर सुनाई दे रही थी।
 
O Bharatanandan! The sounds of the warriors shouting, wailing and roaring like hungry men could be heard continuously. 25.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)