Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.89.10-11: उन्होंने कहा था, ‘अपने पुत्रों को जुआ खेलने से रोको। पाण्डवों के साथ विश्वासघात मत करो।’ तुम्हारा कल्याण चाहने वाले अन्य मित्रों ने भी तुमसे यही बातें कही थीं; किन्तु जैसे मरते हुए मनुष्य को हितकारी औषधि अच्छी नहीं लगती, वैसे ही तुमने उन हितकारी वचनों को सुनना भी नहीं चाहा। अतः जो फल महान विदुर ने तुमसे कहा था, वह तुम्हें प्राप्त हुआ है॥10-11॥ | mahabharat अध्याय 6.89: कौरव-पाण्डव-सेनाका घमासान युद्ध और भयानक जनसंहार । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उन्होंने कहा था, ‘अपने पुत्रों को जुआ खेलने से रोको। पाण्डवों के साथ विश्वासघात मत करो।’ तुम्हारा कल्याण चाहने वाले अन्य मित्रों ने भी तुमसे यही बातें कही थीं; किन्तु जैसे मरते हुए मनुष्य को हितकारी औषधि अच्छी नहीं लगती, वैसे ही तुमने उन हितकारी वचनों को सुनना भी नहीं चाहा। अतः जो फल महान विदुर ने तुमसे कहा था, वह तुम्हें प्राप्त हुआ है॥10-11॥
He had said, 'Stop your sons from gambling. Do not betray the Pandavas.' Other friends who wished well for you had also said the same things to you; but just as a dying man does not like beneficial medicine, in the same way you did not want to listen to those beneficial words. Therefore, the result that the great Vidur had told you has come to you.॥10-11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥