Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.88.d1-13: राजन! भयंकर पराक्रमी भीमसेन युद्ध में सर्वत्र विचरण करने लगे। उस समय आपके पुत्र सुनाभ ने भीमसेन पर आक्रमण करके उन्हें सात तीखे बाणों से घायल कर दिया। भरत! तब भीमसेन ने भी अत्यन्त क्रोधित होकर तुरन्त ही मुड़े हुए क्षुरप्र नामक बाण से सुनाभ का सिर काट डाला। उस तीखे क्षुरप्र से घायल होकर वह भूमि पर गिर पड़ा॥13॥ | mahabharat अध्याय 6.88: भीष्मका पराक्रम, भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके आठ पुत्रोंका वध तथा दुर्योधन और भीष्मकी युद्धविषयक बातचीत । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजन! भयंकर पराक्रमी भीमसेन युद्ध में सर्वत्र विचरण करने लगे। उस समय आपके पुत्र सुनाभ ने भीमसेन पर आक्रमण करके उन्हें सात तीखे बाणों से घायल कर दिया। भरत! तब भीमसेन ने भी अत्यन्त क्रोधित होकर तुरन्त ही मुड़े हुए क्षुरप्र नामक बाण से सुनाभ का सिर काट डाला। उस तीखे क्षुरप्र से घायल होकर वह भूमि पर गिर पड़ा॥13॥
King! The fierce and valiant Bhimasena started wandering everywhere in the battle. At that time your son Sunabha attacked Bhimasena and pierced him with seven sharp arrows. Bhaarat! Then Bhimasena also became very angry and quickly cut off Sunabha's head with an arrow called Kshurpra which had a bent tip. Hit by that sharp Kshurpra, he fell on the ground.॥ 13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥