Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.88.9-10: वह ही युद्ध में भीष्म के सम्मुख खड़ा था और अपने बाणों द्वारा उन पर प्रहार कर रहा था। जब भीष्म और भीमसेन युद्ध कर रहे थे, तब सारी सेना में भयंकर कोलाहल मच गया और हर्ष में भरे हुए पाण्डव जोर-जोर से गर्जना करने लगे॥9-10॥ | mahabharat अध्याय 6.88: भीष्मका पराक्रम, भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके आठ पुत्रोंका वध तथा दुर्योधन और भीष्मकी युद्धविषयक बातचीत । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स हि भीष्मं समासाद्य ताडयामास संयुगे।
ततो निष्ठानको घोरो भीष्मभीमसमागमे॥ ९॥
बभूव सर्वसैन्यानां घोररूपो भयानक:।
तथैव पाण्डवा हृष्टा: सिंहनादमथानदन्॥ १०॥
अनुवाद
वह ही युद्ध में भीष्म के सम्मुख खड़ा था और अपने बाणों द्वारा उन पर प्रहार कर रहा था। जब भीष्म और भीमसेन युद्ध कर रहे थे, तब सारी सेना में भयंकर कोलाहल मच गया और हर्ष में भरे हुए पाण्डव जोर-जोर से गर्जना करने लगे॥9-10॥
He was the one who was facing Bhishma in the battle and was attacking him with his arrows. When Bhishma and Bhimsen were fighting, there was a terrible uproar in the entire army and the Pandavas filled with joy started roaring loudly.॥9-10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥