Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.88.44: भरत! इन्द्र सहित सभी देवता और दानव मिलकर भी पाण्डवों को नहीं हरा सकते। इसलिए पहले युद्ध के लिए अपने मन को स्थिर करो। फिर युद्ध करो।॥44॥ | mahabharat अध्याय 6.88: भीष्मका पराक्रम, भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके आठ पुत्रोंका वध तथा दुर्योधन और भीष्मकी युद्धविषयक बातचीत । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भरत! इन्द्र सहित सभी देवता और दानव मिलकर भी पाण्डवों को नहीं हरा सकते। इसलिए पहले युद्ध के लिए अपने मन को स्थिर करो। फिर युद्ध करो।॥44॥
Bharat! All the gods and demons including Indra together cannot defeat the Pandavas. So first stabilize your mind for the war. Then fight the war.'॥ 44॥
इति श्रीमहाभारते भीष्मपर्वणि भीष्मवधपर्वणि सुनाभादिधृतराष्ट्रपुत्रवधे अष्टाशीतितमोऽध्याय:॥ ८८॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत भीष्मपर्वके अन्तर्गत भीष्मवधपर्वमें सुनाभ आदि धृतराष्ट्रके पुत्रोंका वधविषयक अट्ठासीवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ८८॥
[दाक्षिणात्य अधिक पाठके २ श्लोक मिलाकर कुल ४६ श्लोक हैं]
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥