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mahabharat 6.88.40: तात! मैंने, द्रोणाचार्य ने, विदुर्ने ने और प्रसिद्ध गान्धारी देवी ने पहले ही यह सब कह दिया था, परन्तु आपने उस ओर ध्यान नहीं दिया ॥40॥   |   mahabharat अध्याय 6.88: भीष्मका पराक्रम, भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके आठ पुत्रोंका वध तथा दुर्योधन और भीष्मकी युद्धविषयक बातचीत   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.88.40 
उक्तमेतन्मया पूर्वं द्रोणेन विदुरेण च।
गान्धार्या च यशस्विन्या तत् त्वं तात न बुद्धवान्॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
तात! मैंने, द्रोणाचार्य ने, विदुर्ने ने और प्रसिद्ध गान्धारी देवी ने पहले ही यह सब कह दिया था, परन्तु आपने उस ओर ध्यान नहीं दिया ॥40॥
 
‘Tat! I, Dronacharya, Vidurne and the famous Gandhari Devi had already told all this, but you did not pay attention to it. 40॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)