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mahabharat 6.88.34: हे राजन! पुत्रों के प्रेम के कारण आप लोभ और मोह से ग्रस्त हो गए और आपने विदुर द्वारा पहले दी गई महत्त्वपूर्ण एवं सत्य सलाह पर ध्यान नहीं दिया॥34॥   |   mahabharat अध्याय 6.88: भीष्मका पराक्रम, भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके आठ पुत्रोंका वध तथा दुर्योधन और भीष्मकी युद्धविषयक बातचीत   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.88.34 
लोभमोहसमाविष्ट: पुत्रप्रीत्या जनाधिप।
न बुध्यसे पुरा यत् तत् तथ्यमुक्तं वचो महत्॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! पुत्रों के प्रेम के कारण आप लोभ और मोह से ग्रस्त हो गए और आपने विदुर द्वारा पहले दी गई महत्त्वपूर्ण एवं सत्य सलाह पर ध्यान नहीं दिया॥34॥
 
O king! Because of your love for your sons, you were overcome by greed and attachment and you did not pay attention to the important and true advice given by Vidura earlier. ॥ 34॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)