Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.88.21-22h: उस वीर योद्धा ने बाएँ हाथ में धनुष को दृढ़तापूर्वक धारण करके युद्धस्थल में झुके हुए बाण से सुन्दर नाक वाले आपके पुत्र अपराजित का मस्तक काट डाला।   |   mahabharat अध्याय 6.88: भीष्मका पराक्रम, भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके आठ पुत्रोंका वध तथा दुर्योधन और भीष्मकी युद्धविषयक बातचीत   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 88: भीष्मका पराक्रम, भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके आठ पुत्रोंका वध तथा दुर्योधन और भीष्मकी युद्धविषयक बातचीत  »  श्लोक 21-22h
 
 
श्लोक  6.88.21-22h 
धनु: प्रपीडॺ वामेन करेणामित्रकर्शन:।
शिरश्चिच्छेद समरे शरेणानतपर्वणा॥ २१॥
अपराजितस्य सुनसं तव पुत्रस्य संयुगे।
 
 
अनुवाद
उस वीर योद्धा ने बाएँ हाथ में धनुष को दृढ़तापूर्वक धारण करके युद्धस्थल में झुके हुए बाण से सुन्दर नाक वाले आपके पुत्र अपराजित का मस्तक काट डाला।
 
That brave warrior, holding the bow firmly in his left hand, cut off the head of your son, Aparajit, with a beautiful nose, with a bent arrow in the battlefield. 21/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)