श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 88: भीष्मका पराक्रम, भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके आठ पुत्रोंका वध तथा दुर्योधन और भीष्मकी युद्धविषयक बातचीत  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  6.88.12 
भीमस्तु सारथिं हत्वा भीष्मस्य रथिनां वर:।
प्रद्रुताश्वे रथे तस्मिन् द्रवमाणे समन्तत:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
उसी समय रथियों में श्रेष्ठ भीमसेन ने भीष्म के सारथि को मार डाला। फिर उनके घोड़े उस रथ को लेकर रणभूमि में चारों ओर दौड़ने लगे॥12॥
 
At that very time, Bhimasena, the best of charioteers, killed Bhishma's charioteer. Then his horses started running all around the battlefield with that chariot.॥ 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)