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mahabharat 6.87.8: हे देवराज! द्रोणाचार्य के पीछे महाबली राजा भगदत्त भी थे, जिनके साथ मगध, कलिंग और पिशाच सेना भी थी, जो बहुत सावधान थी।॥8॥   |   mahabharat अध्याय 6.87: आठवें दिन व्यूहबद्ध कौरव-पाण्डव-सेनाओंकी रणयात्रा और उनका परस्पर घमासान युद्ध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 87: आठवें दिन व्यूहबद्ध कौरव-पाण्डव-सेनाओंकी रणयात्रा और उनका परस्पर घमासान युद्ध  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  6.87.8 
द्रोणादनन्तरं यत्तो भगदत्त: प्रतापवान्।
मगधैश्च कलिङ्गैश्च पिशाचैश्च विशाम्पते॥ ८॥
 
 
अनुवाद
हे देवराज! द्रोणाचार्य के पीछे महाबली राजा भगदत्त भी थे, जिनके साथ मगध, कलिंग और पिशाच सेना भी थी, जो बहुत सावधान थी।॥8॥
 
O lord of gods! Behind Drona the mighty king Bhagadatta was going with the Magadh, Kalinga and Pishacha soldiers who were very cautious. ॥ 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)