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mahabharat 6.87.7: उनके पीछे पुलिन्द, पारद, क्षुद्रक और मालव देश के वीरों सहित पराक्रमी द्रोणाचार्य थे।   |   mahabharat अध्याय 6.87: आठवें दिन व्यूहबद्ध कौरव-पाण्डव-सेनाओंकी रणयात्रा और उनका परस्पर घमासान युद्ध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.87.7 
ततोऽनन्तरमेवासीद् भारद्वाज: प्रतापवान्।
पुलिन्दै: पारदैश्चैव तथा क्षुद्रकमालवै:॥ ७॥
 
 
अनुवाद
उनके पीछे पुलिन्द, पारद, क्षुद्रक और मालव देश के वीरों सहित पराक्रमी द्रोणाचार्य थे।
 
Behind them were the mighty Dronacharya along with the heroes of Pulinda, Parad, Kshudraka and the Malava country. 7.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)