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श्लोक  6.87.5 
भीष्म: कृत्वा महाव्यूहं पिता तव विशाम्पते।
सागरप्रतिमं घोरं वाहनोर्मितरङ्गिणम्॥ ५॥
 
 
अनुवाद
हे प्रजानाथ! आपके चाचा भीष्म ने समुद्र के समान विशाल एक भयंकर महाव्यूह की रचना की, जिसमें हाथी, घोड़े आदि वाहन प्रचण्ड लहरों के समान प्रतीत हो रहे थे।
 
O Prajanath! Your uncle Bhishma created a fierce and huge Mahavyuha, as huge as the ocean, in which the elephants, horses and other vehicles appeared like turbulent waves.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)