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mahabharat 6.87.40: हे भरतनन्दन! तब आपके योद्धाओं और पाण्डवों में घोर युद्ध छिड़ गया। पैदल, घुड़सवार, रथी और हाथी आपस में उलझ गए।   |   mahabharat अध्याय 6.87: आठवें दिन व्यूहबद्ध कौरव-पाण्डव-सेनाओंकी रणयात्रा और उनका परस्पर घमासान युद्ध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 87: आठवें दिन व्यूहबद्ध कौरव-पाण्डव-सेनाओंकी रणयात्रा और उनका परस्पर घमासान युद्ध  »  श्लोक 40
 
 
श्लोक  6.87.40 
तत: प्रववृते युद्धं तव तेषां च भारत।
नराश्वरथनागानां व्यतिषक्तं परस्परम्॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
हे भरतनन्दन! तब आपके योद्धाओं और पाण्डवों में घोर युद्ध छिड़ गया। पैदल, घुड़सवार, रथी और हाथी आपस में उलझ गए।
 
O Bharatanandan! Then a fierce battle broke out between your warriors and the Pandavas. The infantry, horsemen, charioteers and elephants got entangled with each other.
 
इति श्रीमहाभारते भीष्मपर्वणि भीष्मवधपर्वणि अष्टमदिवसयुद्धारम्भे सप्ताशीतितमोऽध्याय:॥ ८७॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत भीष्मपर्वके अन्तर्गत भीष्मवधपर्वमें आठवें दिनके युद्धसे सम्बन्ध रखनेवाला सतासीवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ८७॥

 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)