Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.86.57: हे नरदेव! दोनों पक्षों की सेनाएँ, जिनमें बहुत से हाथी और घोड़े थे, परिश्रम से थक गई थीं। रात्रि में जब दोनों सेनाएँ सो गईं, तब वे देखने योग्य हो गईं। | mahabharat अध्याय 6.86: भीष्म और युधिष्ठिरका युद्ध, धृष्टद्युम्न और सात्यकिके साथ विन्द और अनुविन्दका संग्राम, द्रोण आदिका पराक्रम और सातवें दिनके युद्धकी समाप्ति । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे नरदेव! दोनों पक्षों की सेनाएँ, जिनमें बहुत से हाथी और घोड़े थे, परिश्रम से थक गई थीं। रात्रि में जब दोनों सेनाएँ सो गईं, तब वे देखने योग्य हो गईं।
O lord of men! The armies of both sides, which had a large number of elephants and horses, were all exhausted from exertion. When both the armies fell asleep at night, they became worth seeing. 57.
इति श्रीमहाभारते भीष्मपर्वणि भीष्मवधपर्वणि सप्तमदिवसयुद्धावहारे षडशीतितमोऽध्याय:॥ ८६॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत भीष्मपर्वके अन्तर्गत भीष्मवधपर्वमें सातवें दिनके युद्धका विरामविषयक छियासीवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ८६॥
[दाक्षिणात्य अधिक पाठका १ १/२ श्लोक मिलाकर कुल ५८ १/२ श्लोक हैं।]
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥