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श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 86: भीष्म और युधिष्ठिरका युद्ध, धृष्टद्युम्न और सात्यकिके साथ विन्द और अनुविन्दका संग्राम, द्रोण आदिका पराक्रम और सातवें दिनके युद्धकी समाप्ति  »  श्लोक 52
 
 
श्लोक  6.86.52 
एवमेते महाराज तावका: पाण्डवै: सह।
पर्यवर्तन्त सहिता निशाकाले परंतप॥ ५२॥
 
 
अनुवाद
हे शत्रुओं को पीड़ा देने वाले राजन! इस प्रकार रात्रि के समय पाण्डवों सहित आपके योद्धा अपने-अपने शिविरों में लौट गये।
 
O King, who torments the enemies! Thus, at night your warriors along with the Pandavas returned to their respective camps.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)