Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.86.5: जिस प्रकार बादल सूर्य को ढक लेता है, उसी प्रकार पाण्डुपुत्र युधिष्ठिर ने युद्धभूमि में हजारों बाणों की वर्षा करके भीष्म को ढक लिया।   |   mahabharat अध्याय 6.86: भीष्म और युधिष्ठिरका युद्ध, धृष्टद्युम्न और सात्यकिके साथ विन्द और अनुविन्दका संग्राम, द्रोण आदिका पराक्रम और सातवें दिनके युद्धकी समाप्ति   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 86: भीष्म और युधिष्ठिरका युद्ध, धृष्टद्युम्न और सात्यकिके साथ विन्द और अनुविन्दका संग्राम, द्रोण आदिका पराक्रम और सातवें दिनके युद्धकी समाप्ति  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  6.86.5 
तत: शरसहस्राणि प्रमुञ्चन् पाण्डवो युधि।
भीष्मं संछादयामास यथा मेघो दिवाकरम्॥ ५॥
 
 
अनुवाद
जिस प्रकार बादल सूर्य को ढक लेता है, उसी प्रकार पाण्डुपुत्र युधिष्ठिर ने युद्धभूमि में हजारों बाणों की वर्षा करके भीष्म को ढक लिया।
 
Just as a cloud covers the Sun, similarly Yudhishthira, son of Pandu, covered Bhishma on the battlefield by showering thousands of arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)