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mahabharat 6.86.47: और सेना से घिरे हुए, कुरु वंश के पुत्र राजा युधिष्ठिर अपने दोनों भाइयों नकुल और सहदेव के साथ रात के समय अपने शिविर में पहुंचे।   |   mahabharat अध्याय 6.86: भीष्म और युधिष्ठिरका युद्ध, धृष्टद्युम्न और सात्यकिके साथ विन्द और अनुविन्दका संग्राम, द्रोण आदिका पराक्रम और सातवें दिनके युद्धकी समाप्ति   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 86: भीष्म और युधिष्ठिरका युद्ध, धृष्टद्युम्न और सात्यकिके साथ विन्द और अनुविन्दका संग्राम, द्रोण आदिका पराक्रम और सातवें दिनके युद्धकी समाप्ति  »  श्लोक 47
 
 
श्लोक  6.86.47 
युधिष्ठिरोऽपि कौरव्यो भ्रातृभ्यां सहितस्तथा।
ययौ स्वशिबिरं राजा निशायां सेनया वृत:॥ ४७॥
 
 
अनुवाद
और सेना से घिरे हुए, कुरु वंश के पुत्र राजा युधिष्ठिर अपने दोनों भाइयों नकुल और सहदेव के साथ रात के समय अपने शिविर में पहुंचे।
 
And surrounded by the army, King Yudhishthira, son of the Kuru clan, along with his two brothers Nakula and Sahadeva, arrived at his camp at night.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)