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mahabharat 6.86.44: युद्धभूमि अत्यंत भयानक हो गई, अशुभ सियारों और भैरव के समान गर्जना करने वाली दुष्टात्माओं से भर गई।   |   mahabharat अध्याय 6.86: भीष्म और युधिष्ठिरका युद्ध, धृष्टद्युम्न और सात्यकिके साथ विन्द और अनुविन्दका संग्राम, द्रोण आदिका पराक्रम और सातवें दिनके युद्धकी समाप्ति   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 86: भीष्म और युधिष्ठिरका युद्ध, धृष्टद्युम्न और सात्यकिके साथ विन्द और अनुविन्दका संग्राम, द्रोण आदिका पराक्रम और सातवें दिनके युद्धकी समाप्ति  »  श्लोक 44
 
 
श्लोक  6.86.44 
शिवाभिरशिवाभिश्च रुवद्भिर्भैरवं रवम्।
घोरमायोधनं जज्ञे भूतसंघै: समाकुलम्॥ ४४॥
 
 
अनुवाद
युद्धभूमि अत्यंत भयानक हो गई, अशुभ सियारों और भैरव के समान गर्जना करने वाली दुष्टात्माओं से भर गई।
 
The battle-field became extremely terrifying, filled with ominous female jackals and evil spirits roaring like Bhairava. 44.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)