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mahabharat 6.86.34: उन दोनों महारथियों ने बड़ी शीघ्रता से धृष्टद्युम्न के घोड़ों को मार डाला और उन्हें भी अपने बाणों की वर्षा से ढक दिया।   |   mahabharat अध्याय 6.86: भीष्म और युधिष्ठिरका युद्ध, धृष्टद्युम्न और सात्यकिके साथ विन्द और अनुविन्दका संग्राम, द्रोण आदिका पराक्रम और सातवें दिनके युद्धकी समाप्ति   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 86: भीष्म और युधिष्ठिरका युद्ध, धृष्टद्युम्न और सात्यकिके साथ विन्द और अनुविन्दका संग्राम, द्रोण आदिका पराक्रम और सातवें दिनके युद्धकी समाप्ति  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  6.86.34 
तौ तस्य तुरगान् हत्वा त्वरमाणौ महारथौ।
छादयामासतुरुभौ शरवर्षेण पार्षतम्॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
उन दोनों महारथियों ने बड़ी शीघ्रता से धृष्टद्युम्न के घोड़ों को मार डाला और उन्हें भी अपने बाणों की वर्षा से ढक दिया।
 
With great haste those two mighty car-warriors killed the horses of Dhrishtadyumna, and covered them also with a shower of their arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)