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mahabharat 6.86.25: जब शिखंडी भरतवंश के पितामह भीष्म के पास पहुंचा तो वह बड़े वेग से उनकी ओर दौड़ा और बोला, 'ठहर जाओ, ठहर जाओ।'   |   mahabharat अध्याय 6.86: भीष्म और युधिष्ठिरका युद्ध, धृष्टद्युम्न और सात्यकिके साथ विन्द और अनुविन्दका संग्राम, द्रोण आदिका पराक्रम और सातवें दिनके युद्धकी समाप्ति   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.86.25 
शिखण्डी तु समासाद्य भरतानां पितामहम्।
अभिदुद्राव वेगेन तिष्ठ तिष्ठेति चाब्रवीत्॥ २५॥
 
 
अनुवाद
जब शिखंडी भरतवंश के पितामह भीष्म के पास पहुंचा तो वह बड़े वेग से उनकी ओर दौड़ा और बोला, 'ठहर जाओ, ठहर जाओ।'
 
When Shikhandi reached Bhishma, the grandfather of the Bharata dynasty, he ran towards him with great speed and said, 'Stand still, stand still.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)