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mahabharat 6.86.24: अपनी सेना के टूट जाने पर भी सभी क्षत्रिय एक दूसरे को चुनौती देते हुए युद्ध के लिए डटे रहे।   |   mahabharat अध्याय 6.86: भीष्म और युधिष्ठिरका युद्ध, धृष्टद्युम्न और सात्यकिके साथ विन्द और अनुविन्दका संग्राम, द्रोण आदिका पराक्रम और सातवें दिनके युद्धकी समाप्ति   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.86.24 
भिन्नेषु तेषु व्यूहेषु क्षत्रिया इतरेतरम्।
एकमेकं समाहूय युद्धायैवावतस्थिरे॥ २४॥
 
 
अनुवाद
अपनी सेना के टूट जाने पर भी सभी क्षत्रिय एक दूसरे को चुनौती देते हुए युद्ध के लिए डटे रहे।
 
Even after their formation was broken, all the Kshatriyas continued to stand firm for the battle, challenging one another. 24.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)