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mahabharat 6.86.17: राजन! चारों ओर से घिरे हुए आपके चाचा देवव्रत ने अपने धनुष से क्रीड़ा आरम्भ की और समस्त महारथियों को परास्त कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 6.86: भीष्म और युधिष्ठिरका युद्ध, धृष्टद्युम्न और सात्यकिके साथ विन्द और अनुविन्दका संग्राम, द्रोण आदिका पराक्रम और सातवें दिनके युद्धकी समाप्ति   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 86: भीष्म और युधिष्ठिरका युद्ध, धृष्टद्युम्न और सात्यकिके साथ विन्द और अनुविन्दका संग्राम, द्रोण आदिका पराक्रम और सातवें दिनके युद्धकी समाप्ति  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  6.86.17 
स समन्तात् परिवृत: पिता देवव्रतस्तव।
चिक्रीड धनुषा राजन् पातयानो महारथान्॥ १७॥
 
 
अनुवाद
राजन! चारों ओर से घिरे हुए आपके चाचा देवव्रत ने अपने धनुष से क्रीड़ा आरम्भ की और समस्त महारथियों को परास्त कर दिया।
 
King! Surrounded from all sides, your uncle Devavrata began playing with his bow, defeating all the mighty warriors.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)