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mahabharat 6.86.12: तत्पश्चात्, जिस रथ के घोड़े मारे गए थे, उसे त्यागकर धर्मपुत्र युधिष्ठिर तुरन्त ही महामना नकुल के रथ पर चढ़ गए।   |   mahabharat अध्याय 6.86: भीष्म और युधिष्ठिरका युद्ध, धृष्टद्युम्न और सात्यकिके साथ विन्द और अनुविन्दका संग्राम, द्रोण आदिका पराक्रम और सातवें दिनके युद्धकी समाप्ति   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 86: भीष्म और युधिष्ठिरका युद्ध, धृष्टद्युम्न और सात्यकिके साथ विन्द और अनुविन्दका संग्राम, द्रोण आदिका पराक्रम और सातवें दिनके युद्धकी समाप्ति  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  6.86.12 
हताश्वं तु रथं त्यक्त्वा धर्मपुत्रो युधिष्ठिर:।
आरुरोह रथं तूर्णं नकुलस्य महात्मन:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात्, जिस रथ के घोड़े मारे गए थे, उसे त्यागकर धर्मपुत्र युधिष्ठिर तुरन्त ही महामना नकुल के रथ पर चढ़ गए।
 
Thereafter, abandoning the chariot whose horses had been killed, Dharmaputra Yudhishthira immediately boarded the chariot of the great-hearted Nakula.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)