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mahabharat 6.86.10: हे राजन! परन्तु महाबली भीष्म ने युद्धभूमि में युधिष्ठिर के धनुष से छूटे हुए बाण को उन तक पहुँचने से पहले ही छुरे से काट डाला।   |   mahabharat अध्याय 6.86: भीष्म और युधिष्ठिरका युद्ध, धृष्टद्युम्न और सात्यकिके साथ विन्द और अनुविन्दका संग्राम, द्रोण आदिका पराक्रम और सातवें दिनके युद्धकी समाप्ति   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 86: भीष्म और युधिष्ठिरका युद्ध, धृष्टद्युम्न और सात्यकिके साथ विन्द और अनुविन्दका संग्राम, द्रोण आदिका पराक्रम और सातवें दिनके युद्धकी समाप्ति  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  6.86.10 
असम्प्राप्तं ततस्तं तु क्षुरप्रेण महारथ:।
चिच्छेद समरे राजन् भीष्मस्तस्य धनुश्च्युतम्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! परन्तु महाबली भीष्म ने युद्धभूमि में युधिष्ठिर के धनुष से छूटे हुए बाण को उन तक पहुँचने से पहले ही छुरे से काट डाला।
 
O King! But the mighty warrior Bhishma cut down the arrow shot from Yudhishthira's bow with a razor on the battlefield before it could reach him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)