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mahabharat 6.85.8-9h: महाबली अर्जुन द्वारा अपने भाइयों को मारा गया देख, युद्ध के लिए विख्यात नरपतियों को आगे करके राजा त्रिगर्त तुरंत ही अर्जुन को मारने के लिए उनके सामने आये। 8 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 6.85: अर्जुनका पराक्रम, पाण्डवोंका भीष्मपर आक्रमण, युधिष्ठिरका शिखण्डीको उपालम्भ और भीमका पुरुषार्थ   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 85: अर्जुनका पराक्रम, पाण्डवोंका भीष्मपर आक्रमण, युधिष्ठिरका शिखण्डीको उपालम्भ और भीमका पुरुषार्थ  »  श्लोक 8-9h
 
 
श्लोक  6.85.8-9h 
त्रिगर्तराजो निहतान् समीक्ष्य
महात्मना तानथ बन्धुवर्गान्॥ ८॥
रणे पुरस्कृत्य नराधिपांस्तान्
जगाम पार्थं त्वरितो वधाय।
 
 
अनुवाद
महाबली अर्जुन द्वारा अपने भाइयों को मारा गया देख, युद्ध के लिए विख्यात नरपतियों को आगे करके राजा त्रिगर्त तुरंत ही अर्जुन को मारने के लिए उनके सामने आये। 8 1/2॥
 
Seeing his brothers killed by the great Arjuna, King Trigarta, leading the famous Narpatis for the battle, immediately came in front of Arjuna to kill him. 8 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)