Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.85.38: हे राजन! वह अपना रथ छोड़कर हाथ में विशाल ढाल और तलवार लिए हुए सिंह के समान पर्वत की चोटी से कूद पड़ा और पैदल ही युद्धभूमि के दूसरे भाग में चला गया। | mahabharat अध्याय 6.85: अर्जुनका पराक्रम, पाण्डवोंका भीष्मपर आक्रमण, युधिष्ठिरका शिखण्डीको उपालम्भ और भीमका पुरुषार्थ । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
रथं स्वमुत्सृज्य पदातिराजौ
प्रगृह्य खड्गं विपुलं च चर्म।
अवप्लुत: सिंह इवाचलाग्रा-
ज्जगामान्यं भूमिप भूमिदेशम्॥ ३८॥
अनुवाद
हे राजन! वह अपना रथ छोड़कर हाथ में विशाल ढाल और तलवार लिए हुए सिंह के समान पर्वत की चोटी से कूद पड़ा और पैदल ही युद्धभूमि के दूसरे भाग में चला गया।
O King! Leaving his chariot, he jumped from the top of the mountain like a lion, holding a huge shield and sword in his hands, and wandered on foot to another part of the battlefield.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥