Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.85.27: शिखण्डी को बड़े वेग से आकर भीष्म पर आक्रमण करते देख शल्य ने अत्यन्त भयंकर एवं भयंकर अस्त्र से उसे रोक दिया ! 27॥   |   mahabharat अध्याय 6.85: अर्जुनका पराक्रम, पाण्डवोंका भीष्मपर आक्रमण, युधिष्ठिरका शिखण्डीको उपालम्भ और भीमका पुरुषार्थ   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 85: अर्जुनका पराक्रम, पाण्डवोंका भीष्मपर आक्रमण, युधिष्ठिरका शिखण्डीको उपालम्भ और भीमका पुरुषार्थ  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  6.85.27 
तमापतन्तं महता जवेन
शिखण्डिनं भीष्ममभिद्रवन्तम्।
निवारयामास हि शल्य एन-
मस्त्रेण घोरेण सुदुर्जयेन॥ २७॥
 
 
अनुवाद
शिखण्डी को बड़े वेग से आकर भीष्म पर आक्रमण करते देख शल्य ने अत्यन्त भयंकर एवं भयंकर अस्त्र से उसे रोक दिया ! 27॥
 
Seeing Shikhandi coming with great speed and attacking Bhishma, Shalya stopped him with a very formidable and terrible weapon! 27॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)