Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.85.23: युद्ध में शान्तनुपुत्र भीष्म ने तुम्हारा धनुष काटकर तुम्हें पराजित कर दिया; फिर भी तुम उनके प्रति उदासीन हो। अपने भाइयों को छोड़कर तुम कहाँ जाओगे? यह शासन तुम्हारे लिए उपयुक्त नहीं है॥ 23॥ | mahabharat अध्याय 6.85: अर्जुनका पराक्रम, पाण्डवोंका भीष्मपर आक्रमण, युधिष्ठिरका शिखण्डीको उपालम्भ और भीमका पुरुषार्थ । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
युद्ध में शान्तनुपुत्र भीष्म ने तुम्हारा धनुष काटकर तुम्हें पराजित कर दिया; फिर भी तुम उनके प्रति उदासीन हो। अपने भाइयों को छोड़कर तुम कहाँ जाओगे? यह शासन तुम्हारे लिए उपयुक्त नहीं है॥ 23॥
In the war, Shantanu's son Bhishma defeated you by cutting your bow; yet you are being indifferent towards him. Where will you go leaving your own brothers? This rule is not suitable for you.॥ 23॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥