Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.85.17: क्रोधरूपी विष उगलने वाले महाबुद्धिमान दुर्योधन ने युद्ध में क्रोध करके अग्नि के समान तेजस्वी बाणों द्वारा युधिष्ठिर, भीमसेन, नकुल, सहदेव, अर्जुन और श्रीकृष्ण पर आक्रमण किया॥17॥ | mahabharat अध्याय 6.85: अर्जुनका पराक्रम, पाण्डवोंका भीष्मपर आक्रमण, युधिष्ठिरका शिखण्डीको उपालम्भ और भीमका पुरुषार्थ । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
युधिष्ठिरं भीमसेनं यमौ च
पार्थं कृष्णं युधि संजातकोप:।
दुर्योधन: क्रोधविषो महात्मा
जघान बाणैरनलप्रकाशै:॥ १७॥
अनुवाद
क्रोधरूपी विष उगलने वाले महाबुद्धिमान दुर्योधन ने युद्ध में क्रोध करके अग्नि के समान तेजस्वी बाणों द्वारा युधिष्ठिर, भीमसेन, नकुल, सहदेव, अर्जुन और श्रीकृष्ण पर आक्रमण किया॥17॥
The great-minded Duryodhana, who spews the poison of anger, in his rage in the battle, attacked Yudhishthir, Bhimsen, Nakul, Sahadev, Arjun and Shri Krishna with arrows as bright as fire. 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥