Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.85.16: तत्पश्चात् राजा जयद्रथ, जो अत्यन्त बलवान, बुद्धिमान तथा अपने वचन का पक्का था, युद्ध में आगे आया और उसने अपने उत्तम धनुष से उन महाबली योद्धाओं के धनुषों को बलपूर्वक काट डाला।   |   mahabharat अध्याय 6.85: अर्जुनका पराक्रम, पाण्डवोंका भीष्मपर आक्रमण, युधिष्ठिरका शिखण्डीको उपालम्भ और भीमका पुरुषार्थ   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 85: अर्जुनका पराक्रम, पाण्डवोंका भीष्मपर आक्रमण, युधिष्ठिरका शिखण्डीको उपालम्भ और भीमका पुरुषार्थ  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  6.85.16 
अथैत्य राजा युधि सत्यसंधो
जयद्रथोऽत्युग्रबलो मनस्वी।
चिच्छेद चापानि महारथानां
प्रसह्य तेषां धनुषा वरेण॥ १६॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् राजा जयद्रथ, जो अत्यन्त बलवान, बुद्धिमान तथा अपने वचन का पक्का था, युद्ध में आगे आया और उसने अपने उत्तम धनुष से उन महाबली योद्धाओं के धनुषों को बलपूर्वक काट डाला।
 
Thereafter King Jayadratha, who was very powerful and wise and true to his word, came forward in the battle and forcefully cut off the bows of those mighty warriors with his excellent bow.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)