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mahabharat 6.84.7: राजन! ध्वजा को गिरता देख राजा श्रुतायुं ने अपने सात तीखे बाणों से पाण्डुनन्दन युधिष्ठिर को घायल कर दिया॥7॥   |   mahabharat अध्याय 6.84: युधिष्ठिरसे राजा श्रुतायुका पराजित होना, युद्धमें चेकितान और कृपाचार्यका मूर्च्छित होना, भूरिश्रवासे धृष्टकेतुका और अभिमन्युसे चित्रसेन आदिका पराजित होना एवं सुशर्मा आदिसे अर्जुनका युद्धारम्भ   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 84: युधिष्ठिरसे राजा श्रुतायुका पराजित होना, युद्धमें चेकितान और कृपाचार्यका मूर्च्छित होना, भूरिश्रवासे धृष्टकेतुका और अभिमन्युसे चित्रसेन आदिका पराजित होना एवं सुशर्मा आदिसे अर्जुनका युद्धारम्भ  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  6.84.7 
केतुं विपतितं दृष्ट्वा श्रुतायु: स तु पार्थिव:।
पाण्डवं विशिखैस्तीक्ष्णै राजन् विव्याध सप्तभि:॥ ७॥
 
 
अनुवाद
राजन! ध्वजा को गिरता देख राजा श्रुतायुं ने अपने सात तीखे बाणों से पाण्डुनन्दन युधिष्ठिर को घायल कर दिया॥7॥
 
Rajan! Seeing the flag falling, King Shrutayun injured Pandunandan Yudhishthira with his seven sharp arrows. 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)