Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.84.42: राजन! उस महायुद्ध में आपके पुत्रों के रथ छीन लेने पर भीमसेन की प्रतिज्ञा को स्मरण करके सिंहहृदय अभिमन्यु ने उन्हें नहीं मारा। | mahabharat अध्याय 6.84: युधिष्ठिरसे राजा श्रुतायुका पराजित होना, युद्धमें चेकितान और कृपाचार्यका मूर्च्छित होना, भूरिश्रवासे धृष्टकेतुका और अभिमन्युसे चित्रसेन आदिका पराजित होना एवं सुशर्मा आदिसे अर्जुनका युद्धारम्भ । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजन! उस महायुद्ध में आपके पुत्रों के रथ छीन लेने पर भीमसेन की प्रतिज्ञा को स्मरण करके सिंहहृदय अभिमन्यु ने उन्हें नहीं मारा।
King! In that great war, having deprived your sons of their chariots, the lion-hearted Abhimanyu remembered the vow taken by Bhimasena and did not kill them.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥