Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.84.3: तत्पश्चात् महाधनुर्धर राजा श्रुतायुं ने युद्ध में धर्मपुत्र युधिष्ठिर के चलाए हुए बाणों को रोककर कुन्तीकुमार को सात बाणों से घायल कर दिया॥3॥ | mahabharat अध्याय 6.84: युधिष्ठिरसे राजा श्रुतायुका पराजित होना, युद्धमें चेकितान और कृपाचार्यका मूर्च्छित होना, भूरिश्रवासे धृष्टकेतुका और अभिमन्युसे चित्रसेन आदिका पराजित होना एवं सुशर्मा आदिसे अर्जुनका युद्धारम्भ । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स संवार्य रणे राजा प्रेषितान् धर्मसूनुना।
शरान् सप्त महेष्वास: कौन्तेयाय समार्पयत्॥ ३॥
अनुवाद
तत्पश्चात् महाधनुर्धर राजा श्रुतायुं ने युद्ध में धर्मपुत्र युधिष्ठिर के चलाए हुए बाणों को रोककर कुन्तीकुमार को सात बाणों से घायल कर दिया॥3॥
Then, the great archer King Shrutayun, after stopping the arrows shot by Dharma's son Yudhishthira in the battle, shot Kuntikumar with seven arrows. 3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥