श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 84: युधिष्ठिरसे राजा श्रुतायुका पराजित होना, युद्धमें चेकितान और कृपाचार्यका मूर्च्छित होना, भूरिश्रवासे धृष्टकेतुका और अभिमन्युसे चित्रसेन आदिका पराजित होना एवं सुशर्मा आदिसे अर्जुनका युद्धारम्भ  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  6.84.23 
अश्वांश्चास्यावधीद् राजन्नुभौ तौ पार्ष्णिसारथी।
सोऽवप्लुत्य रथात् तूर्णं गदां जग्राह सात्वत:॥ २३॥
 
 
अनुवाद
राजन! तदनन्तर कृपाचार्य ने चेकितान के चार घोड़ों और दो अंगरक्षकों को मार डाला। तब सात्वतवंशी चेकितान ने रथ से कूदकर तुरन्त गदा हाथ में ले ली। 23॥
 
Rajan! Subsequently, Kripacharya killed Chekitana's four horses and two bodyguards. Then Chekitana of Satvatvanshi jumped from the chariot and immediately took the mace in his hand. 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)