Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.84.22: आर्य! फिर दूसरे भाले से उसका धनुष काट डाला और अपने हाथों की चपलता दिखाकर युद्ध में उसके सारथि को मार डाला।   |   mahabharat अध्याय 6.84: युधिष्ठिरसे राजा श्रुतायुका पराजित होना, युद्धमें चेकितान और कृपाचार्यका मूर्च्छित होना, भूरिश्रवासे धृष्टकेतुका और अभिमन्युसे चित्रसेन आदिका पराजित होना एवं सुशर्मा आदिसे अर्जुनका युद्धारम्भ   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 84: युधिष्ठिरसे राजा श्रुतायुका पराजित होना, युद्धमें चेकितान और कृपाचार्यका मूर्च्छित होना, भूरिश्रवासे धृष्टकेतुका और अभिमन्युसे चित्रसेन आदिका पराजित होना एवं सुशर्मा आदिसे अर्जुनका युद्धारम्भ  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  6.84.22 
अथापरेण भल्लेन धनुश्चिच्छेद मारिष।
सारथिं चास्य समरे क्षिप्रहस्तो न्यपातयत्॥ २२॥
 
 
अनुवाद
आर्य! फिर दूसरे भाले से उसका धनुष काट डाला और अपने हाथों की चपलता दिखाकर युद्ध में उसके सारथि को मार डाला।
 
Arya! Then with the other spear he cut his bow and showing the agility of his hands he killed his charioteer in the battle.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)