vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 6: भीष्म पर्व
»
अध्याय 84: युधिष्ठिरसे राजा श्रुतायुका पराजित होना, युद्धमें चेकितान और कृपाचार्यका मूर्च्छित होना, भूरिश्रवासे धृष्टकेतुका और अभिमन्युसे चित्रसेन आदिका पराजित होना एवं सुशर्मा आदिसे अर्जुनका युद्धारम्भ
»
श्लोक 19
श्लोक
6.84.19
एतत् कृत्वा महाराज धर्मपुत्रो युधिष्ठिर:।
व्यात्ताननो यथा कालस्तव सैन्यं जघान ह॥ १९॥
अनुवाद
महाराज! ऐसा वीरतापूर्ण कार्य करके धर्मपुत्र युधिष्ठिर मृत्यु के समान मुख खोलकर आपकी सेना का विनाश करने लगे।
Maharaj! After performing such a heroic deed, Dharmaputra Yudhishthira started destroying your army with his mouth wide open like death.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×