Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.84.15-16: राजन! धनुष कट जाने पर महाबली राजा युधिष्ठिर ने धनुष-बाण से श्रुतायु की छाती पर प्रहार किया। फिर सारी सेना के देखते ही देखते उन्होंने महाबली श्रुतायु के घोड़ों को मार डाला और उसके सारथि को भी शीघ्र ही मृत्यु के घाट उतार दिया॥15-16॥   |   mahabharat अध्याय 6.84: युधिष्ठिरसे राजा श्रुतायुका पराजित होना, युद्धमें चेकितान और कृपाचार्यका मूर्च्छित होना, भूरिश्रवासे धृष्टकेतुका और अभिमन्युसे चित्रसेन आदिका पराजित होना एवं सुशर्मा आदिसे अर्जुनका युद्धारम्भ   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 84: युधिष्ठिरसे राजा श्रुतायुका पराजित होना, युद्धमें चेकितान और कृपाचार्यका मूर्च्छित होना, भूरिश्रवासे धृष्टकेतुका और अभिमन्युसे चित्रसेन आदिका पराजित होना एवं सुशर्मा आदिसे अर्जुनका युद्धारम्भ  »  श्लोक 15-16
 
 
श्लोक  6.84.15-16 
अथैनं छिन्नधन्वानं नाराचेन स्तनान्तरे।
निर्बिभेद रणे राजा सर्वसैन्यस्य पश्यत:॥ १५॥
सत्वरं च रणे राजंस्तस्य वाहान् महात्मन:।
निजघान शरै: क्षिप्रं सूतं च सुमहाबल:॥ १६॥
 
 
अनुवाद
राजन! धनुष कट जाने पर महाबली राजा युधिष्ठिर ने धनुष-बाण से श्रुतायु की छाती पर प्रहार किया। फिर सारी सेना के देखते ही देखते उन्होंने महाबली श्रुतायु के घोड़ों को मार डाला और उसके सारथि को भी शीघ्र ही मृत्यु के घाट उतार दिया॥15-16॥
 
King! When the bow was cut, the mighty King Yudhishthira struck Shrutayu's chest with a bow and arrow. Then, in front of the entire army, he instantly killed the horses of the mighty Shrutayu and also put his charioteer to death very soon.॥15-16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)