Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.84.14: परन्तु पराक्रमी युधिष्ठिर ने बड़े धैर्य के साथ क्रोध को दबाकर श्रुतायु के विशाल धनुष को उसी स्थान पर काट डाला जहाँ वह मुट्ठी में था॥14॥ | mahabharat अध्याय 6.84: युधिष्ठिरसे राजा श्रुतायुका पराजित होना, युद्धमें चेकितान और कृपाचार्यका मूर्च्छित होना, भूरिश्रवासे धृष्टकेतुका और अभिमन्युसे चित्रसेन आदिका पराजित होना एवं सुशर्मा आदिसे अर्जुनका युद्धारम्भ । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
परन्तु पराक्रमी युधिष्ठिर ने बड़े धैर्य के साथ क्रोध को दबाकर श्रुतायु के विशाल धनुष को उसी स्थान पर काट डाला जहाँ वह मुट्ठी में था॥14॥
But the mighty Yudhishthira with great patience suppressed his anger and cut off Shrutayu's huge bow at the very spot where it is held in the fist.॥ 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥