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mahabharat 6.83.7: हे कुरुश्रेष्ठ! कौरव लोग यथाशक्ति प्रयत्न करते हैं और कठिन कर्म करते हैं। अतः आपको उन्हें दोष नहीं देना चाहिए। 7॥   |   mahabharat अध्याय 6.83: इरावान‍्के द्वारा विन्द और अनुविन्दकी पराजय, भगदत्तसे घटोत्कचका हारना तथा मद्रराजपर नकुल और सहदेवकी विजय   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 83: इरावान‍्के द्वारा विन्द और अनुविन्दकी पराजय, भगदत्तसे घटोत्कचका हारना तथा मद्रराजपर नकुल और सहदेवकी विजय  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  6.83.7 
घटमानान् यथाशक्ति कुर्वाणान् कर्म दुष्करम्।
न दोषेण कुरुश्रेष्ठ कौरवान् गन्तुमर्हसि॥ ७॥
 
 
अनुवाद
हे कुरुश्रेष्ठ! कौरव लोग यथाशक्ति प्रयत्न करते हैं और कठिन कर्म करते हैं। अतः आपको उन्हें दोष नहीं देना चाहिए। 7॥
 
Kurushrestha! The Kauravas try as much as they can and perform difficult deeds. Therefore, you should not blame them. 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)