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mahabharat 6.83.52: उसके द्वारा छोड़ा गया बाण गरुड़ और वायु के समान तीव्र था, और मद्रराज को छेदता हुआ पृथ्वी पर गिर पड़ा।   |   mahabharat अध्याय 6.83: इरावान‍्के द्वारा विन्द और अनुविन्दकी पराजय, भगदत्तसे घटोत्कचका हारना तथा मद्रराजपर नकुल और सहदेवकी विजय   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 83: इरावान‍्के द्वारा विन्द और अनुविन्दकी पराजय, भगदत्तसे घटोत्कचका हारना तथा मद्रराजपर नकुल और सहदेवकी विजय  »  श्लोक 52
 
 
श्लोक  6.83.52 
स शर: प्रेषितस्तेन गरुडानिलवेगवान्।
मद्रराजं विनिर्भिद्य निपपात महीतले॥ ५२॥
 
 
अनुवाद
उसके द्वारा छोड़ा गया बाण गरुड़ और वायु के समान तीव्र था, और मद्रराज को छेदता हुआ पृथ्वी पर गिर पड़ा।
 
The arrow shot by him was as swift as Garuda and the wind. It pierced the Madra king and fell to the earth.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)