श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 83: इरावान‍्के द्वारा विन्द और अनुविन्दकी पराजय, भगदत्तसे घटोत्कचका हारना तथा मद्रराजपर नकुल और सहदेवकी विजय  »  श्लोक 37
 
 
श्लोक  6.83.37 
तत: प्राग्ज्योतिषो राजा प्रहसन्निव भारत।
तस्याश्वांश्चतुर: संख्ये पातयामास सायकै:॥ ३७॥
 
 
अनुवाद
भरत! तब राजा प्रागज्योतिष (भगदत्त) ने मुस्कुराते हुए उस युद्ध में अपने बाणों से घटोत्कच के चारों घोड़ों को मार डाला।
 
Bhaarata! Then King Pragjyotish (Bhagadatta) - smilingly - in that battle killed all the four horses of Ghatotkacha by his arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)