श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 83: इरावान‍्के द्वारा विन्द और अनुविन्दकी पराजय, भगदत्तसे घटोत्कचका हारना तथा मद्रराजपर नकुल और सहदेवकी विजय  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  6.83.36 
स तांश्छित्त्वा महाबाहुस्तोमरान् निशितै: शरै:।
भगदत्तं च विव्याध सप्तत्या कङ्कपत्रिभि:॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
महाबाहु घटोत्कच ने तीखे बाणों से उन तोमरों को काटकर भगदत्त को भी सत्तर कंकपात्र बाणों से घायल कर दिया।
 
Having cut down those Tomars with sharp arrows, the mighty-armed Ghatotkacha also wounded Bhagadatta with seventy arrows bearing Kankapatra.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)