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श्री महाभारत
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पर्व 6: भीष्म पर्व
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अध्याय 83: इरावान्के द्वारा विन्द और अनुविन्दकी पराजय, भगदत्तसे घटोत्कचका हारना तथा मद्रराजपर नकुल और सहदेवकी विजय
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श्लोक 35
श्लोक
6.83.35
तस्य प्राग्ज्योतिष: क्रुद्धस्तोमरांश्च चतुर्दश।
प्रेषयामास समरे तांश्चिच्छेद स राक्षस:॥ ३५॥
अनुवाद
प्राग्ज्योतिषपुर के राजा ने क्रोधित होकर उस राक्षस पर चौदह तोमर चलाये, किन्तु उसने युद्धभूमि में उन सभी को मार डाला।
The king of Pragjyotishpur got angry and fired fourteen Tomars at that demon, but he killed them all in the battlefield.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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