श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 83: इरावान‍्के द्वारा विन्द और अनुविन्दकी पराजय, भगदत्तसे घटोत्कचका हारना तथा मद्रराजपर नकुल और सहदेवकी विजय  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  6.83.3 
जीयमानान् विमनसो मामकान् विगतौजस:।
वदसे संयुगे सूत दिष्टमेतन्न संशय:॥ ३॥
 
 
अनुवाद
तुम मेरे पुत्रों को तेज और बलहीन, युद्ध में निराश और पराजित बताते हो। संजय! यह सब भाग्य का खेल है, इसमें संशय नहीं है।॥3॥
 
You describe my sons as lacking in brilliance and strength, depressed and defeated in war. Sanjay! All this is the play of destiny, there is no doubt about it. ॥ 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)