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mahabharat 6.83.29: भरत! भगदत्त द्वारा भगाये गये पाण्डव सैनिक सब ओर भाग रहे थे, किन्तु अपनी सेना में भी उन्हें कोई रक्षक नहीं मिला।   |   mahabharat अध्याय 6.83: इरावान‍्के द्वारा विन्द और अनुविन्दकी पराजय, भगदत्तसे घटोत्कचका हारना तथा मद्रराजपर नकुल और सहदेवकी विजय   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 83: इरावान‍्के द्वारा विन्द और अनुविन्दकी पराजय, भगदत्तसे घटोत्कचका हारना तथा मद्रराजपर नकुल और सहदेवकी विजय  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  6.83.29 
तेन विद्राव्यमाणास्ते पाण्डवा: सर्वतो दिशम्।
त्रातारं नाभ्यगच्छन्त: स्वेष्वनीकेषु भारत॥ २९॥
 
 
अनुवाद
भरत! भगदत्त द्वारा भगाये गये पाण्डव सैनिक सब ओर भाग रहे थे, किन्तु अपनी सेना में भी उन्हें कोई रक्षक नहीं मिला।
 
Bharata! The Pandava soldiers, chased away by Bhagadatta, were running in all directions but could not find any protector even in their own armies.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)