श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 83: इरावान‍्के द्वारा विन्द और अनुविन्दकी पराजय, भगदत्तसे घटोत्कचका हारना तथा मद्रराजपर नकुल और सहदेवकी विजय  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  6.83.27 
तत्र देवा: सगन्धर्वा ऋषयश्च समागता:।
विशेषं न स्म विविदुर्हैडिम्बभगदत्तयो:॥ २७॥
 
 
अनुवाद
युद्ध देखने आये देवता, गंधर्व और ऋषिगण भी घटोत्कच और भगदत्त के पराक्रम का अंतर नहीं समझ सके।
 
Even the gods, Gandharvas and sages who had come to watch the battle could not understand the difference in valour between Ghatotkacha and Bhagadatta. 27.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)