श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 83: इरावान‍्के द्वारा विन्द और अनुविन्दकी पराजय, भगदत्तसे घटोत्कचका हारना तथा मद्रराजपर नकुल और सहदेवकी विजय  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  6.83.26 
तत: प्राग्ज्योतिषो राजा नागराजं समास्थित:।
यथा वज्रधर: पूर्वं संग्रामे तारकामये॥ २६॥
 
 
अनुवाद
जैसे पूर्वकाल में ताड़कासुर के समय वज्रधारी इन्द्र ऐरावत नामक हाथी पर सवार होकर युद्ध में गए थे, वैसे ही इस महायुद्ध में प्राग्ज्यौतिषपुर के स्वामी राजा भगदत्त राजहाथी पर सवार होकर आए थे॥26॥
 
Just as in the past, during the battle of Taraka, Indra, the bearer of the thunderbolt, had gone to the war mounted on an elephant named Airavat, similarly, in this great war, King Bhagadatta, the lord of Pragjyotishpur, had come riding on a king elephant.॥26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)